Social Networking Essay in Hindi | सोशल नेटवर्किंग पर निबंध

Social Networking Essay in Hindi for class 5/6 in 100 words सोशल नेटवर्किंग पर निबंध

कम्प्यूटर जगत में आजकल एक शब्द बहुत धूम मचा रहा है और वह है ”सोशल नेटवर्किंग“। सोशल नेटवर्किंग परिवार से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक कई कई स्तरों पर काम करता है। आज के युग में सोशल नेटवर्किंग के द्वारा लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं, कई प्रकार की समस्याओं का हल, स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी, व्यापार जगत का लेन-देन, सामान की खरीदारी, व्यापार का विस्तारीकरण और भी कई विषयों में सोशल नेटवर्किंग की बहुत बड़ी भूमिका है। आज के व्यस्त समय में व्यक्तियों और संगठनों ने आपसी मेलजोल के लिए सोशल नेटवर्किंग को ही अपना आधार बनाया हुआ है।

Social Networking Essay in Hindi for class 7/8 in 200 words सोशल नेटवर्किंग पर निबंध

सोशल नेटवर्किंग कम्प्यूटर जगत का एक सामाजिक ढांचा है जिसमें कई व्यक्ति या संगठन एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। ये व्यक्ति या संगठन एक-दूसरे से कई प्रकार से जुड़े हो सकते हैं। इसमें समरूपता को लेकर लोग अपने ग्रुप भी बना लेते हैं जैसे सामाजिक, व्यापारिक, धार्मिक, राजनैतिक अथवा किसी अन्य कॉमन विषय पर। इसमें लोगों को अपने विषय से सम्बन्धित लोगों के बीच रहकर विचारों का आदान-प्रदान करने की सुविधा मिलती है।

आजकल सोशल नेटवर्किंग के जरिये लोग को काफी लाभ हा रहा है। वे अपने स्थान पर बैठे हुए ही कई लोगों के साथ नेटवर्क स्थापित किये हुए हैं। इस नेटवर्क में कई लोग तो ऐसे होते हैं जो प्रत्यक्ष रूप से आपस में कभी मिले ही नहीं हैं। किंतु विचारों एवं कार्यों में समानता के कारण वे एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। सोशल नेटवर्किंग के द्वारा विद्यार्थियों, गृहणियों, व्यापारी वर्ग, सेलीब्रिटीज़ सब को अपने-अपने स्तर पर लाभ हो रहा है।

सोशल नेटवर्किंग से जितने लाभ हैं उतने ही नुकसान भी। यदि उपयोगकर्ता इसका उपयोग समझदारी से न करे तो किसी भी दुर्घटना का शिकार भी हो सकता है। अतः आवश्यक है कि इसके लाभ के साथ-साथ इससे होने वाली हानियों की ओर भी ध्यान दिया जाये तथा उपयोगकर्ताओं के इसके सुरक्षित उपयोग हेतु जागरूक किया जाये।

Social Networking Essay in Hindi for class 9/10 in 500 words सोशल नेटवर्किंग पर निबंध

आज का युग विज्ञान का युग है और इस बात का असर व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन में भी देखा जा सकता है। यहाँ तक की अब लोग सामाजिक रूप से भी जुड़ने के लिए कम्प्यूटर तकनीकी का प्रयोग कर रहे हैं। कम्प्यूटर की दुनिया में व्यक्तियों अथवा संगठनों का परस्पर जोड़ने वाली तकनीक का नाम है ”सोशल नेटवर्किंग“। सोशल नेटवर्किंग के द्वारा व्यक्ति या संगठन मित्र बनाना, मित्रता हटाना, फोटो, ऑडियो- वीडियो, सन्देश आदि पोस्ट कर अपना संदेष दुनिया के किसी भी कोने में स्थिति व्यक्ति या संगठन तक पहुँचा सकते हैं। इन पोस्ट्स पर लोग पसन्द, नापसंद आदि से अपनी-अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त कर सकते हैं।

दुनिया/समाज में क्या चल रहा है यह मालूम करने के लिए सोशल नेटवर्किंग से बढ़िया माध्यम और कोई नहीं। कम्प्यूटर जगत में कई सोशल नेटवर्किंग साईट्स हैं जिनमें अपना अकाऊण्ट खोलकर लोग सोशल नेटवर्किंग में सक्रिय हो सकते हैं। सोशल नेटवर्किंग ने लोगों की जीवन शैली ही बदल दी है। जो लोग कभी अपने को समाज में कहीं स्थापित नहीं समझते थे वे आज अपनी प्रतिभा और सोशल नेटवर्किंग के जरिये लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। कई घरेलू महिलाएं जिन्हें लगता था कि वे घर सम्भालने जैसा महत्वपूर्ण काम तो करती हैं पर उन्हें कामकाजी महिलाओं जैसा सम्मान प्राप्त नहीं है तो आज वे भी सोशल नेटवर्किंग साईट्स पर अपनी पाक कला के वीडियो डाल कर नाम और पैसा कमा रही हैं। कई कलाकार ऐसे थे जिन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का कोई मौका या मंच उपलब्ध नहीं हो पा रहा था वे आज अपनी प्रतिभा के वीडियो अपलोड करके करोड़ों लोगों के आगे अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं।

आज व्यापार शुरू करने के लिए आपको दुकान की जरूरत नहीं है बस चाहिये तो उत्पाद और सोशल नेटवर्किंग साईट। आप अपने उत्पाद की फोटो या वीडियो इन साईट्स पर अपलोड कीजिये और ग्राहक आपको ढूँढना भी नहीं पड़ेगा। कई लोग सो अपने मित्रों या रिश्तेदारों से मिल नहीं पाते थे, उनकी कुछ खोज-खबर नहीं थी अब वे भी सोशल नेटवर्किंग के जरिये एक-दूसरे के करीब हैं।

तकनीकी विकास हमें बहुत कुछ दे रहा है लेकिन साथ ही बहुत कुछ छीन भी रहा है। आज किसी भी प्रकार के रिश्ते में वह गर्मजोशी देखने को नहीं मिलती जो पहले आपस में मिलने-जुलने पर दिखती थी। कहने के लिए सोशल नेटवर्किंग के जरिये हम एक-दूसरे से जुड़ तो जाते हैं पर कुछ समय बाद यह मात्र एक रिश्ता निभाने वाली बात ही रह जाती है। जहाँ सोशल नेटवर्किंग से व्यक्ति को इतने लाभ हैं वहीं इससे कई नुकसान भी हैं। कई ऐसी घटनायें देखने को मिली हैं जिसमें सोशल नेटवर्किंग के द्वारा दोस्त बना कर उसके साथ धोखा किया गया या उससे भी अधिक कई गंभीर घटना को अंजाम दिया गया। हम विकास के लिए तकनीकी का प्रयोग करना चाहते हैं लेकिन कई लोग इससे अवसाद की स्थिति में आ गये हैं और इस अवसाद से निकलने के लिए उन्हें साईकेट्रिस्ट के पास जाकर उनसे काऊंसलिंग सेशन ले रहे हैं। अतः हमें इसका लाभ देखते हुए इसे उपयोग करते हुए सावधानी बरतने की आवश्यकता है साथ ही बच्चों को भी इसे कैसे सुरक्षित रूप से प्रयोग किया जाये इस विषय में जागरुक करने की आवश्यकता है।