तोष के तोष सु प्रान पले। में कौन सा अलंकार है?

तोष के तोष सु प्रान पले। में कौन सा अलंकार है?

tosh ke tosh su pran pale mein kaun sa alankar hai

तोष के तोष सु प्रान पले।

यदि किसी पंक्ति में किसी शब्द की आवृति हो और उसके अलग अलग अर्थ हो तो वहाँ यमक अलंकार होता है। यहाँ तोष शब्द की आवृति हुई है और दोनों ही बार उसके अर्थ अलग अलग है। पहले तोष का अर्थ सन्तोष से है और दूसरेका अर्थ दोष से है।

प्रस्तुत पंक्ति में यमक अलंकार का भेद:

इस पद में अभंग पद यमक अलंकार है।

यमक अलंकार का अन्य उदाहरण:

आप यमक अलंकार को अच्छी तरह से समझ सकें इसलिए यमक अलंकार के कुछ अन्य उदाहरण निम्नलिखित हैं:

‘’माला फेरत जग मुआ मिटा न मन का फेर / कर का मन का छोड़ी के मन का मनका फेर’’।

यमक अलंकार का अन्य उदाहरण है – रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सुन। पानी गए न उबरे बिन पानी सब सून। इस पंक्ति में पानी शब्द का प्रयोग दो बार हुआ है, लेकिन अर्थ दोनों ही बार अलग अलग है।

काव्य पंक्ति में अन्य अलंकार –

अलंकार के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर जाएँ:

अलंकार – परिभाषा, भेद एवं उदाहरण 

[display-posts category_id=”2993″  wrapper=”div”
wrapper_class=”my-grid-layout”  posts_per_page=”5″]

Leave a Reply