त्रिभुवन में कौन सा समास है? त्रिभुवन का समास-विग्रह क्या है?

Tribhuvan mein kaun sa samas hai? Tribhuvan ka samas-vigrah kya hota hai?

त्रिभुवन में कौन सा समास है?

द्विगु समास – त्रिभुवन शब्द में द्विगु समास है।
त्रिभुवन में समास का उपभेद द्विगु समास है
Tribhuvan mein kaun sa Samas hota hai?
Dvigu Samas  – Tribhuvan shabd mein Dvigu Samas  hai.

त्रिभुवन का समास-विग्रह क्या है? Tribhuvan ka Samas-Vigrah kya hai?

त्रिभुवन शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
त्रिभुवन : तीन भुवनों का समूह ( समाहार )
Tribhuvan : Teen bhuvano ka samuh (Samahar)

क्योंकि त्रिभुवन में द्विगु समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए द्विगु समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी द्विगु समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (द्विगु समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

द्विगु समास की परिभाषा

द्विगु समास-[ सूत्र-संख्यापूर्वो द्विगु : ]-जिस समास का पूर्व पद संख्या वाचक हो और उत्तरपद संज्ञा हो तो उस समास को द्विगु समास कहते है। समास का विग्रह करने पर समाहार ( समूह ) का बोध होता है।

द्विगु समास के उदाहरण –

द्विगु समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
दोपहर – दो पहरों का समूह
त्रिगुण – तीन गुणों का समूह
चौपाई – चार पदों का समूह
त्रिलोक – तीन लोकों का समूह
पक्षद्वय – दो पक्षों का समूह
सप्तर्षि – सात ऋषियों का समूह
तिरंगा – तीन रंगों का समूह
त्रिनेत्र – तीन नेत्रों का समाहार
त्रिभुज – तीन भुजाओं का समाहार
नवरात्रि – नवरात्रियों का समूह

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में त्रिभुवन समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि त्रिभुवन में कौन सा समास है? त्रिभुवन शब्द में कौन सा समास होगा? त्रिभुवन में कौन सा समास होता है? त्रिभुवन में कौन सा समास है बताइये त्रिभुवन का समास विग्रह बताइए त्रिभुवन का समास विग्रह क्या है? त्रिभुवन का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

द्विगु समास की परिभाषा

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

कमल के समान कर का समस्त पद है-
त्रिभुवन कौन सा समास है
मृगनयनी’ में कौन सा समास है?
धर्माधर्म में कौन सा समास है
पाप-पुण्य में कौन सा समास है
हलधर में कौन सा समास है
यथाक्रम शब्द में समास है
मुख दर्शन में कौन सा समास है
त्रिभुवन में कौन सा समास है
कमल के समान कर का समस्त पद है-
त्रिभुवन का समास विग्रह कीजिए
त्रिभुवन का समास विग्रह मराठी
त्रिभुवन का समास विग्रह और समास का नाम
त्रिभुवन का समास भेद है –
त्रिलोचन का समास विग्रह
‘सत्याग्रह’ का समास विग्रह और समास का नाम है

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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