त्रिनेत्र में कौन सा समास है? त्रिनेत्र का समास-विग्रह क्या है?

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Trinetra mein kaun sa samas hai? Trinetra ka samas-vigrah kya hota hai?

त्रिनेत्र में कौन सा समास है?

बहुब्रीहि समास – त्रिनेत्र शब्द में बहुब्रीहि समास है।
त्रिनेत्र में समास का उपभेद समानाधिकरण बहुब्रीहि समास है
Trinetra mein kaun sa Samas hota hai?
Bahuvrihi Samas  – Trinetra shabd mein Bahuvrihi Samas  hai.

त्रिनेत्र का समास-विग्रह क्या है? Trinetra ka Samas-Vigrah kya hai?

त्रिनेत्र शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
त्रिनेत्र : तीन है नेत्र जिसके अर्थात् शंकर
Trinetra : Teen hain netra jiske arthath shankar

क्योंकि त्रिनेत्र में बहुब्रीहि समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए बहुब्रीहि समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी बहुब्रीहि समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (बहुब्रीहि समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

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बहुब्रीहि समास की परिभाषा –

बहुब्रीहि समास [ सूत्र-अनेकमन्य पदार्थे ]-जिस समास में दोनों पद प्रधान न होकर कोई अन्य पद की प्रधानता होती है। उसे बहुब्रीहि समास कहते है। जैसे-दशानन-दस है मुख जिसके अर्थात् रावण

बहुब्रीहि समास के उदाहरण –

समानाधिकरण बहुब्रीहि समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
त्रिनेत्र – तीन है नेत्र जिसके अर्थात् शंकर
पीताम्बर – पीला है वस्त्र जिसका अर्थात् श्रीकृष्ण
खगेश – खगों का ईश है जो अर्थात् गरूण
चतुरानन – चार हैं आनन (मुंह) जिसके अर्थात ब्रह्मा
चन्द्रभाल – चन्द्रमा है माथे पर जिसके अर्थात् शंकर
त्रिवेणी – तीन वेणिया मिलती है जहाँ अर्थात् प्रयाग
दत्तभोजन – दत्त है भोजन जिसे
पकज – पंक (कीचड़) में जन्म लेने वाला अर्थात कमल
मुरारि – वह जो मुर राक्षस का शत्रु है अर्थात् कृष्ण

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

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समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में त्रिनेत्र समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि त्रिनेत्र में कौन सा समास है? त्रिनेत्र शब्द में कौन सा समास होगा? त्रिनेत्र में कौन सा समास होता है? त्रिनेत्र में कौन सा समास है बताइये त्रिनेत्र का समास विग्रह बताइए त्रिनेत्र का समास विग्रह क्या है? त्रिनेत्र का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

महादेव में कौन सा समास है
दीर्घायु में कौन सा समास है
यथाशक्ति में कौन सा समास है
घुड़सवार में कौन सा समास है
नीलकंठ–>कौन सा समास है
त्रिफला – में कौन सा समास है ?
इकतीस में कौन सा समास है
मित्र मंडली सामाजिक पद में कौन सा समास है
नीलकंठ–>कौन सा समास है
त्रिनेत्र में कौन सा समास है
देवासुर का समास विग्रह कीजिए
त्रिनेत्र का समास विग्रह क्या होगा
शीतोष्ण में समास है
त्रिलोचन का समास विग्रह
त्रिलोक का समास विग्रह
दिगम्बर का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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