विषय-वारि मन-मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक में कौनसा अलंकार है?

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विषय-वारि मन-मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक में कौनसा अलंकार है?

विषय-वारि मन-मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

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विषय-वारि मन-मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक में रूपक अलंकार है। प्रस्तुत पंक्ति में यह कहा गया है कि विषय रूपी जल से मन रूपी मछली एक पल भी अलग नहीं रह पाती।इसमे विषय अर्थात काम क्रोध मद और लोभ पर जल का तथा मन पर मछली का आरोप किया गया है इसलिए यहाँ रुपक अलंकार है।

मन और मछली में तथा विषय और जल में भेद न होने के कारण ही उपमेय पर उपमान का आरोप किया गया है।

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इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय – उपमान

विषय – जल

मन – मछली

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

विषय-वारि मन-मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

विषय-वारि मन-मीन भिन्न नहिं होत कबहुँ पल एक पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

विषय- वारी तथा मन मीन में अनुप्रास अलंकार।

Important Alankar in Hindi अलंकार के उदाहरण एवं हिन्दी अलंकार पर प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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