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Yoga Essay in Hindi for class 5/6 in 100 words योग पर निबंध

अपने तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए योग बहुत ही लाभकारी है। बच्चों से लेकर बूढ़े तक योग द्वारा अपने तन तथा मन को स्वस्थ रख सकते हैं। बहुत समय पहले योग हमारे लिए कोई नई बात नहीं थी। हर दिन योगाभ्यास करना दिन के और जरूरी कार्यों जैसा ही था। इस वजह से उस समय के लोग आजीवन स्वस्थ रहते थे। आज हर व्यक्ति अपने कामों में बहुत ही व्यस्त है। चाहे वह बच्चे हों, बूढ़े या जवान, कोई भी अपने स्वास्थ्य के लिए योग करने का समय निकालने में बहुत मुश्किल समझता है। इस वजह से हम तन और मन से बहुत ज्यादा कमजोर होते जा रहे हैं।

Yoga Essay in Hindi for class 7/8 in 200 words योग पर निबंध

योग एक बहुत ही स्वस्थ एवं सरल क्रिया है जिसे कोई भी, कहीं भी और किसी भी समय आराम से कर सकता है। लेकिन हम अपने जीवन में इतने व्यस्त हैं कि इतनी उपयोगी एवं आसान क्रिया जिससे हम स्वस्थ रह सकते हैं, भूलते जा रहे हैं।

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आजकल की पढ़ाई के चलते, बच्चे न चैन से बैठ पाते हैं न ही खेल। यदि कुछ समय मिला तो वह टैलीविज़न और मोबाईल उन्हें अपने स्थान से उठने तक नहीं देता। ऐसे में बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यधि थकान महसूस करते हैं और जितना परिश्रम करते हैं उतना लाभ नहीं ले पाते। रही बात बड़ों की तो वे अपने-अपने कामों में इतने व्यस्त हैं कि पेट भरने के लिए काम करते हुए भी वे शांति से भोजन नहीं कर पाते और यदि कर लिया तो उसे पचाने में समस्या, क्योंकि उनके पास भी शारीरिक क्रियाओं के लिए समय नहीं है और वे समय से पहले ही बूढ़े होते जा रहे हैं। इन सब समस्याओं का उपाय योग ही है। यदि हम प्रतिदिन थोड़ा समय निकाल कर योग करें तो हम कई प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

Yoga Essay in Hindi for class 9/10 in 500 words योग पर निबंध

योग की उत्पत्ति भारत में ही हुई थी। योग कई प्रकार का होता है जैसे राज योग, हठ योग, कर्म योग, भक्ति योग, हस्त योग आदि। प्राचीन समय में यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए दैनिक क्रियाओं का ही एक भाग था। इसके लिए उन्हें अलग से समय निकालने की आवश्यकता महसूस नहीं होती थी। साधारण रूप से हम हस्त योग द्वारा शरीर के विभिन्न भागों का व्यायाम करते हैं जिसे आसन कहा जाता है। आजकल योग से होने वाले लाभों को बताने के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाता है। जिसमें कई लोग मिलकर योग करते हैं तथा अन्य लोगों को भी इसके लाभों से जागरुक कर योग करने के लिए प्रेरित करते हैं।

योग शरीर, मन एवं आत्मा के संतुलन का अभ्यास है। जो व्यक्ति रोज योग क्रिया करता है वह तन, मन एवं आत्मा से प्रसन्न रहता है। योग में मात्र शारीरिक क्रिया ही नहीं अपितु ध्यान एवं आहार का समावेश भी होता है। जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम योग क्रिया करते हैं उसी प्रकार मन को स्वस्थ रखने के लिए ध्यान एवं आहार पर भी योग में जोर दिया जाता है। योग हमारे मन को तनाव से दूर रखता है। जब मनुष्य की ये तीनों चीजें स्वस्थ होंगी तो उसका जीवन सुखमय एवं शांति से भरपूर होगा।

वर्तमान समय में हर व्यक्ति बच्चे से बूढ़ा तक अपनी-अपनी समस्याओं से मानसिक रूप से व्यथित हैं। यदि वे योग द्वारा ध्यान लगाये तो उनके मन, आत्मा और शरीर सभी मजबूत हो सकते हैं और वे एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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